सबसे बड़ा आन्दोलन या षड़यंत्र???

Posted by on Apr 12, 2011 in Featured, Politics, Society & Culture

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आज़ादी के बाद के सबसे बड़े कहे जाने वाले अब्दोलन को लेकर लोगों में काफी चिंतन हो रहा है| बहुत सारे मित्र चाहे वो फेसबुक में हो या फिर देश के अलग-अलग शहरों में, इस आन्दोलन में शरीक थे जिन्होंने अपने तन, मन और धन से इसे सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दिया| आज भी काफी चर्चा इसी पर चल रही है| एक तरफ हमारा मीडिया है जिसमें हर पल आन्दोलन की कामयाबी के चर्चे चल रहे हैं तो दूसरी तरफ आम इंसान इसे अपनी जीत मान कर चल रहा है| कुछ लोगों के लेख भी पढ़े जहाँ पक्ष और विपक्ष की ओर से लोगों नें अपने अपने विचार व्यक्त किये| मेरे मन में भी बहुत से सवाल उठे हैं जिनके जवाब अभी तक तलाश रहा हूँ|

परन्तु सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि मेरे जो मित्र इस आन्दोलन के समर्थन में अपनी अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे थे और चारों ओर से लोगों को जोड़ने में लगे हुए थे उनमें से ज़्यादातर अपने इस कार्य के लिए अब लोगों से माफी माँगते और शर्मिंदगी महसूस करते नज़र आ रहे हैं| कुछ और कहने से पहले मैं यहाँ पर या स्पष्ट कर दूं कि जिन मित्रों की बात में यहाँ पर कर रहा हूँ वो अपनी अपनी जगहों पर समाज कार्यों में व्यस्त हैं| जैसे बाल मजदूरी, बालमृत्यु, खाद्य संकट, बेरोजगारी, शिक्षा, किसान आत्महत्या, इत्यादि| इनके अलावा कुछ लोग जो मीडिया लेखन व् अन्य व्यवसाय से जुड़े हुए लोग भी हैं| अत: इन लोगों के इस एकाएक बदलाव के पीछे कोई छोटे-मोटे कारण नहीं हो सकते|

इस विषय पर लगातार हो रहे चिंतन नें कई सवाल खड़े कर दिए हैं| जैसे :

  • पिछले दो साल से इस समस्या पर जब बाबा रामदेव बोल रहे थे तो हमारा मीडिया उनका साथ देने के वजाय उन्हें दवाने की कोशिश कर रहा था|
  • किरण बेदी, स्वामी अग्निवेश, अरविन्द केजरीवाल और अन्ना हजारे सभी लोग बाबा रामदेव के समर्थन में थे और उनका साथ दे रहे थे, परन्तु एकाएक बाबा रामदेव के वजाय अन्ना हजारे नायक के रूप में उभर कर आ गए?
  • वही मीडिया जिसने कांग्रेस के खिलाफ उठाने वाली हर आवाज़ को लोगों तक नहीं पहुँचाने दिया अचानक खुद उसके खिलाफ कैसे खडा हो गया?
  • वो नेता जिन्होंने लोकपाल बिल को कभी भी संसद में पास नहीं होने दिया, कैसे अन्ना हजारे के समर्थन में आ गए?
  • भ्रष्टाचार फैलाने वाले और उस से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाले पूंजीपती उसके खिलाफ कैसे बोलने लगे?
  • आज बाबा रामदेव कहाँ हैं और उनकी कोई भी बात सीधे तौर पर मीडिया में क्यों नहीं आ रही?
  • जो अन्ना हजारे अनशन के वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दोषी ठहरा रहे थे, वो अनशन खत्म होने के बाद मनमोहन सिंह को आज तक का सबसे ईमानदार और अच्छा प्रधानमंत्री क्यों कहने लगे?

इस तरह बहुत सारे सवाल हैं जो विश्वास करने के बाद भी ना कर पाने को मज़बूर कर रहे हैं|

अपने इस लेखा के साथ में नीचे कुछ लिंक दे रहा हूँ, कृपया इन्हें भी ज़रूर पढकर अपने अपने विचार रखें|

http://hastakshep.com/?p=5745

http://kafila.org/2011/04/09/at-the-risk-of-heresy-why-i-am-not-celebrating-with-anna-hazare/

अजय सकलानी (Silent Journo)

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