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Melghat Diaries – Journey to Malnourished Melghat

Posted by Ajay Saklani on December 2, 2015  /   Comments

It was year 2009, when I was teaching in Mahatma Gandhi International Hindi University, Wardha in Mass Communications department. One of my student came with her friend Mamta Karade to discuss about a presentation she …

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Save Girl Child

Is she your daughter?

Posted by Ajay Saklani on November 23, 2015  /   Comments

Swastika is roaming alone in Shimla and searching for her parents. But she is unable to find them. Did you saw her parents? Or check if she isn’t your daughter?

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That will be “INDIA”

Posted by Ajay Saklani on September 10, 2010  /   Comments

Young tribal will continue joining SPO’s for their earnings Salwa Judum will keep raping the tribal women All Binayak Sen’s will keep spending their lives in jails Kalmadi has set an example for others to  …

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नक्सली, सलवा जुडूम, SPO, CRPF… फर्क क्या है ???

Posted by Ajay Saklani on September 10, 2010  /   Comments

सन 1991 में पहली वार महेंद्र कर्मा नाम के कांग्रेस के एक संसद नें आदिवासियों के खिलाफ जंग छेड़ी जिसे “जन जागरण अभियान” का नाम दिया गया| इस अभियान के लिए व्यापारी, उद्दयोग्पति और पूंजीपति …

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ये कैसा ज़माना है?

Posted by Ajay Saklani on May 20, 2010  /   Comments

डॉक्टर साहब बच्चा बीमार है, इलाज करवाना है,   क्या तेरे पास पैसे का खजाना है ?   नहीं डॉक्टर साहब अभी कमाना है,   अजीब पागल है, फिर बच्चे को कैसे बचाना है ? …

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ये देश मुसलमानों के साथ नहीं….

Posted by Ajay Saklani on May 13, 2010  /   Comments

मैंने अपनी पिछली पोस्ट में लिखा था कि मीडिया भी हिंदूवादी बोली ही बोलता है| परन्तु कब कहाँ और कैसे, इसे हमारे देश के बहुत से लोग समझ नहीं पाते| यहाँ मैं कुछ ऐसे ही …

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राजनेताओं की बात तो छोड़ो, क्या मीडिया को भी शर्म नहीं आती?

Posted by Ajay Saklani on May 13, 2010  /   Comments

ये एक कड़वी किन्तु ऐसी सच्चाई है जिसे हर कोई जानता तो है पर समझने की कोशिश नहीं करता| ये देश मुसलमानों के साथ न कभी था और ना ही कभी होगा| अगर हम आज …

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राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी – रोज़ उजड़ते आशियाने

Posted by Ajay Saklani on April 16, 2010  /   Comments

ज़िन्दगी गुज़र जाती है एक आशियाँ बनाने में, और कुछ पल लगते हैं दिल्ली सरकार को उसे गिराने में| 15 अप्रैल को यही हुआ दिल्ली जंगपुरा स्थित इस बस्ती में| पिछले 50 सालों से बसी …

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और दुल्हे बिकने लगे….

Posted by Ajay Saklani on October 6, 2009  /   Comments

अभी वह एक विश्वविद्यालय में केवल एक छात्र है, यह भी नहीं पता कि पास भी हो पायेगा या नहीं, और हो भी गया तो एक डिग्री सब कुछ नहीं होती| डिग्री मिल जाने से …

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आस्था में अंधा होता हमारा समाज

Posted by Ajay Saklani on June 25, 2009  /   Comments

यह बात अक्सर सुनने में आती है कि हमारे देश में अमीर और भी अमीर होता जा रहा है और गरीब और भी गरीब| लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि अब हमारे भगवान् …

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