भारतीय मीडिया : खेल सच्च और झूठ का

Posted by on Jun 24, 2013 in Media, My Experiences

Continue

पिछले आठ सालों से मीडिया में हूँ, काफी उतार चढ़ाव देखे। बहुत कुछ महसूस किया, समझा, सहन किया और कई वार कुछ ऐसे काम करने के लिए भी मज़बूर हुआ जिनके लिए दिल नहीं चाहता था। सबसे बड़ी बात जो समझ में आई वो ये कि अपनी रोटी खाने के लिए पत्रकार लोग किस तरह से दूसरों की इज्ज़त और सम्मान को हानि पहुंचाने से भी कभी पीछे नहीं हटते। 

जब कभी मैं भी आम लोगों की तरह खबर देखा या पढ़ा करता था तो उस पर आँख बंद करके विश्वास किया करता था। परन्तु धीरे धीरे समझ में आने लगा की जो हम तक ये खबरें पहुंचाते हैं वो तो खुद भी नहीं जानते कि क्या सही है क्या गलत। और कभी-कभी सही को गलत और गलत को सही बनाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। पूरा देश आज मीडिया के द्वारा कही गयी बातों पर विश्वास करता है और मीडिया लोगों की भावनाओं के साथ कठपुतली की तरह खेलता है।
सनसनीखेज खबर मीडिया की पहली पसंद होती है। कोई बड़ी घटना, आपदा या फिर नुक्सान पत्रकारों को रोटी दिलाते हैं। ज़िंदगी से ज्यादा मौत उन्हें अपनी तरफ खींचती है। खुशियों से ज्यादा लोगों के दुःख उन्हें आकर्षित करते हैं। एक्सक्लूसिव (exclusive) तसवीरों की होड़ में मरते हुए को पानी पिलाने से पहले तसवीरें खींचना उनका पेशा बन गया है। TRP के नाम पर सही या गलत की परिभाषा आज एक पत्रकार भूल चूका है।
मेरी दोस्तों की सूची में बहुत से पत्रकार बंधू हैं, शायद उन्हें मेरी ये बाते बहुत कड़वी लगेंगी। उत्तराखंड में हुई तबाही में कुछ छिट-पुट जगहों पर लोगों द्वारा बेच गया महँगा सामान तो उन्हें नज़र आ गया पर दूसरों की मदद करते लोग आज तक नज़र नहीं आये। ऐसा करने पर शायद उन्हें सनसनीखेज खबर नहीं मिल पाती। दुसरे राज्यों से गए तीर्थ यात्री तो उन्हें नज़र आ गए, परन्तु अपने घर और गाँव गवा चुके लोग उन्हें अब तक नज़र नहीं आये।
मीडिया आखिर कौन सी आँख से देखता है? उसकी वो इंसानियत वाली आँख क्यों बंद है? क्यों अंधा हो चूका है चैनल को आगे करने की भीड़ में?

Tags:


Comments

  1. मीडिया आखिर कौन सी आँख से देखता है?

    मीडिया केवल और केवल लोभ-कामी आँख से देखता है?

  2. Ajay Saklani says:

    मीडिया केवल उस आँख से देखता है जिससे उसकी दूकान चल सके।

  3. Mariya Jaiss says:

    midiya ko koi phark nhi padhta kisi ki feeling se ise bas sold msala chahiye publication karne ke liye!!!!!!!