सभी की पहली फिल्म है सांझ, केवल मेरी ही नहीं

Posted by on Mar 22, 2017 in Cinema, Featured, Himachali Cinema, Indian Cinema

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‘पहली फिल्म’ नामक शब्द के कई अर्थ होते हैं। कभी-कभी यह शब्द ग़लत तरीके से भी इस्तेमाल होता है तो कभी इसका अर्थ ग़लत तरीके से समझा जाता है। हमारी आने वाली फिल्म ‘साँझ’ के साथ भी कुछ ऐसा ही मामला है। ‘पहली फिल्म’ शब्द यहां भी कुछ ज़्यादा ही इस्तेमाल हो रहा है जो कि एक तरफ हिमाचली सिनेमा में एक नया आयाम साबित करने जा रहा है तो दूसरी तरफ इस शब्द ने कुछ लोगों को परेशान भी कर रखा है। आज का यह लेख कुछ इसी तरह की उन गलतफहमियों को दूर करने के लिए लिख रहा हूँ।

‘आधार’ एक ऐसी फिल्म जिसके बारे में ज़्यादा लोग नहीं जानते। हिमाचल में बनाने वाली सबसे पहली फिल्म थी आधार जो कि शौर्यवीर सागर के निर्देशन 2004 में बनी थी। क्योंकि यह फिल्म किसी भी माध्यम में रिलीज़ नहीं हो पाई तो इसके बारे में किसी को पता नहीं है। परंतु जब तक फिल्म रिलीज़ न हो तब तक उसे कोई नहीं जानता। उसके बाद जो फिल्म बनी, जिसे हम पहली हिमाचली फिल्म कह सकते हैं वह थी ‘फुलमु रांझू’ जो राजिंदर कौशल के निर्देशन में बनी थी। यह फिल्म सीडी में रिलीज़ हुई थी परंतु उस समय तक सबके पास सीडी प्लेयर या कंप्यूटर ना होने की वजह से ज़्यादा लोग उसके बारे में नहीं जान पाये। लेकिन फिर भी यह फिल्म बहुत सराही गयी और इस फिल्म की नकली सीडी बनाकर भी बहुत से लोगों ने इसे बेचा।

Mane de phereज्यों-ज्यों हिमाचल में सिनेमा की तरफ झुकाव बढ़ने लगा वैसे ही और लोग भी आगे आने लगे। उनमें से एक हैं संजीव रत्तन जन्होंने 2010 में अगली फिल्म बनाई जिसका नाम थे ‘दिले च वसेया कोई’। उस समय तक भी फुलमु रांझू के बारे में लोग उतना नहीं जानते थे तो ‘दिले च वसेया कोई’ को भी हिमाचल की पहली ही फिल्म समझा गया। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इस फिल्म को साल 2010 का सर्वश्रेष्ठ डोगरी फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया। उसके बाद संजीव रत्तन ने ‘नया चाँद’ और ‘मने दे फेरे’ नामक दो और फिल्मों का निर्माण किया जो अभी तक रिलीज़ नहीं हुई।

परंतु हिमाचली सिनेमा की उम्मीद लगाए दर्शक अभी तक कोई भी फिल्म सिनेमा हॉल में नहीं देख पाए थे।उम्मीद एक बार फिर से जाएगी जब राजिंदर कौशल अपनी अगली फिल्म ‘नठ भज्ज’ लेकर आए। सब उम्मीद लगाए हुए थे कि इस बार तो सिनेमा हॉल में एक हिमाचली फिल्म देखने को ज़रूर मिलेगी। परंतु यह फिल्म भी डिस्ट्रीब्यूटर को आकर्षित नहीं कर पाई। Saanjh-poster

अभी तक बनी सभी फिल्में हिमाचली की पहली फिल्म के नाम से ही जानी जाती रही है। ऐसे में ‘सांझ’ के बारे में क्या यह शब्द सही है? जी हाँ, सांझ भी हिमाचल की पहली ही फिल्म है परंतु केवल कहे जाने पर नहीं बल्कि माने जाने पर। कुछ ही दिनों में सांझ फिल्म की रिलीज़ डेट की घोषणा होने वाली हैं। यह पहली फिल्म क्यों है इस पर बहुत से सवाल हैं और बहुत सारे जवाब भी जो में निचे लिख रहा हूँ।

  • सांझ हिमाचल की पहली फिल्म है जो हिमाचली भाषा में है और अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गयी है
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जिसे अमेरिका में ‘बेस्ट फीचर फिल्म’ का खिताब मिल चूका है
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जिसे अमेरिका में ‘अवार्ड ऑफ़ मेरिट’ का ख़िताब मिल चूका है
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जिसमें मोहित चौहान बतौर गायक गाने गया चुके हैं
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जो जल्दी ही सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जो एक साथ हिमाचली और हिंदी, दो भाषाओँ में देशभर में रिलीज़ होने जा रही है
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जिसमें बॉलीवुड के कलाकार भी काम कर चुके हैं
  • सांझ पहली हिमाचली फिल्म है जिसके लेखक, निर्माता, निर्देशक, प्रमोटर, डिस्ट्रीब्यूटर सब हिमाचली हैं
  • सांझ हमारे सभी कलाकारों की पहली हिमाचली फिल्म है
  • अदिति चाड़क और विशाल परपग्गा जो मुख्य भूमिका में हैं ये उनकी पहली फिल्म है
  • ये गौरव गुलेरिया की बतौर म्यूजिक डायरेक्टर पहली फिल्म है
  • ये शिशिर चौहान की बतौर बैकग्राउंड म्यूजिक डायरेक्टर पहली फीचर फिल्म है

फिल्म में काम करने वाले लोगों के आलावा हिमाचल के लोगों के लिए भी सांझ पहली ही फिल्म है क्योंकि पहली वार वो लोग सिनेमा हॉल में जाकर कोई हिमाचली फिल्म देख पाएंगे। उनके साथ साथ देश और दुनिया के दर्शकों के लिए भी सांझ पहली फिल्म है क्योंकि वो भी पहली बार कोई हिमाचली फिल्म देख पाएंगे।

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