राजनेताओं की बात तो छोड़ो, क्या मीडिया को भी शर्म नहीं आती?

Posted by on May 13, 2010 in Politics, Religion, society

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ये एक कड़वी किन्तु ऐसी सच्चाई है जिसे हर कोई जानता तो है पर समझने की कोशिश नहीं करता| ये देश मुसलमानों के साथ न कभी था और ना ही कभी होगा| अगर हम आज तक बीती हुई हर घटना पर ठीक से नज़र डालें और सोच विचार कर उसके नतीजे को समझने की कोशिश करें, तो पता चलता है कि ये हमारे देश का एक काला सच है| कोई भी बम धमाका हो या फिर कोई भी दंगा हो, हमेशा मुसलमानों को ही दोषी ठहराया जाता है| कोई नहीं देखता अजमेर में हुए धमाकों को, या फिर मालेगांव में हुए धमाकों को, जो कि हिंदूवादी संघठनों नें करवाए थे|

परन्तु अगर कोई मुसलिम संघठन अगर किसी धमाके के पीछे है तो उसे खूब हवा दी जाती है| वह समाचार हमारे मीडिया में खूब तूल पकड़ता है|

क्या हुआ मालेगांव का ?
क्या हुआ गुजरात में हुए दंगों का?
क्या हुआ अजमेर में हुए धमाकों का?
और कहाँ गए बाबरी मस्जिद को गिराने वाले हमारे आदरणीय नेता?

क्या यहाँ कोई मासूम नहीं मारा गया? और अगर मारा गया है तो कहाँ सो गए अटल बिहारी वाजपेयी, क्यों नहीं बोल पा रहे लालकृष्ण आडवाणी? राजनीतिक पार्टियों का तो मैं समझता हूँ कि एक धंधा हो गया है मुसलमानों पर उंगली उठाने का परन्तु क्याहमारे मीडिया को भी शर्म नहीं आती?

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Comments

  1. huzur aaj tak godhara kand ka bhi kuch nahi hua..
    akshar dham mandir ka kabhi kuch nahi hua….
    aapke pyare afjal ka bhi kuch nahi hua……
    bharat ki haar pe fatake fodane wale muslmano ka bhi kuch nahi hua…
    or aapke kasab ko bhi kuch nahi hoga…

    or jitane aaram se iss desh ke muslamaan rahate hain na utane to muslim rastra pakisthan main bhi nahi honge….or fir bhi india main rahane se problam hain to jakar pakisthan ya bangladesh main kyo nahi bas jate muslmaan… 1947 main algal desh diya tha na gandhi ji ne….fir kyu jyada tar musalmani orate kute ke pillo ke vesa 8-10 bache peda karati hain bharat main….or mahashay ji aap is tarah bhawana bhadkani band kijiye…aap jese logo ke karan hi ache musalmano ko bhugatana padata hian…