Kangana Barkha Dutt

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ऋतिक या अध्यन की रूह भी कंगना की सोच तक नहीं पहुँच सकती

Posted by Ajay Saklani on May 4, 2016  /   Comments

जब कोई इंसान छोटे-छोटे गाँवों में बचपन गुज़ारकर आगे बढ़ता है तो उसकी सोच और समझ शहरों में रहने, बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ने और बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमने वालों से कहीं बढ़कर होती है. कंगना …

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