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बड़े बाबू

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दूर से दौड़ती, तेज़ दौड़ती आई एक गाड़ी
रफ़्तार देख पुलिस ने सिटी मारी
भैया जी की थी बड़ी मूंछे और ये लम्बी दाढ़ी
बगल में बैठी भाभी जी की भी चमक रही थी साड़ी ||

यह देख मैं हैरान था
पुलिस ने किया उन्हें सलाम था
मेरी समझ में कुछ ना आया
मेरे मन को कुछ न भाया
मैंने बगल में खड़े ठेले वाले को बुलाया
तो उसने मुझे पूरा मामला समझाया ||

बोला ये बड़े बाबू हैं
तभी तो बेकाबू हैं
ना इनके पास कोई काम है
फिर भी शहर में बड़ा नाम है
जब किसी भी गली से गुज़रते हैं
सीना चौड़ा कर ये चलते हैं
रास्ते में खेल रहे बच्चे भी इनसे डरते हैं ||

बस यही इनका काम है
सारे शहर का चक्कर काटते सुबह शाम हैं
ज़रा गाड़ी की नंबर प्लेट पर तो नज़र डालिए हुज़ूर
नंबर तो गायब है
पर साफ अक्षरों में नज़र आ रहा एक बड़ी राजनीतिक पार्टी का नाम है ||

अजय सकलानी


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